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मामले की पड़ताल के लिए जब फास्ट छत्तीसगढ़ न्यूज़ की टीम गांव पहुंची, तो कई ग्रामीणों ने कै

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मध्यप्रदेशमैहर

कुड़वा राशन विवाद ग्रामीणों का आरोप–कम मिल

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मध्यप्रदेशमैहर

कुड़वा राशन विवाद ग्रामीणों का आरोप–कम मिल रहा अनाज

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फर्स्ट छत्तीसगढ़ न्यूज से विकास सोनी

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मैहर जिले के ग्राम पंचायत कुड़वा में जहां उचित मूल्य दुकान के कोटेदार पर अनाज वितरण में अनियमितता के आरोप लगाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन खबरों की सच्चाई जानने के लिए फर्स्ट छत्तीसगढ़ न्यूज की टीम मौके पर पहुंची।

मैहर जिले के ग्राम पंचायत कुड़वा में बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर यह आरोप लगाए जा रहे थे कि कोटेदार राजकुमार गौतम द्वारा गरीब हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा है।

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मामले की पड़ताल के लिए जब फास्ट छत्तीसगढ़ न्यूज़ की टीम गांव पहुंची, तो कई ग्रामीणों ने कै

 

मरे पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें जितना अनाज मिलना चाहिए, उससे कम अनाज दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या पिछले कुछ महीनों से लगातार बनी हुई है।

वहीं इस पूरे मामले पर जब कोटेदार एवं प्रबंधक राजकुमार गौतम से संपर्क किया गया, तो उन्होंने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि कुछ महीनों में अनाज वितरण कम हुआ है, यह बात सही है, लेकिन इसमें उनकी कोई व्यक्तिगत गलती नहीं है। उनका कहना है कि शासन स्तर से ही उन्हें अपेक्षित मात्रा में अनाज नहीं मिला, जिस कारण कटौती करनी पड़ी।

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कोटेदार के सेल्समैन ने भी अपनी बात रखते हुए बताया कि 24 दिसंबर को वह कुड़वा गांव अनाज वितरण के लिए पहुंचे थे, लेकिन गांव के कुछ लोगों ने वितरण कार्य नहीं करने दिया और उनका वितरण रजिस्टर भी छीन लिया गया।

राजकुमार गौतम ने आगे कहा कि सोशल मीडिया पर बिना ठोस तथ्यों के भ्रामक खबरें चलाकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे नहीं चाहते कि किसी भी गरीब हितग्राही को राशन कम मिले, लेकिन जब शासन से 72 क्विंटल खपत के मुकाबले केवल 15 या 35 क्विंटल अनाज प्राप्त होता है,तो सभी को पूरा राशन देना संभव नहीं हो पाता।

कोटेदार राजकुमार गौतम द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों को फास्ट छत्तीसगढ़ न्यूज़ की टीम ने फूड विभाग को भेजकर मामले की पुष्टि और जानकारी मांगी है।

फिलहाल यह मामला जांच का विषय है। अब देखना होगा कि फूड विभाग की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और ग्रामीणों को राहत कब तक मिलती है।

 

मैहर जिले के ग्राम पंचायत कुड़वा में जहां उचित मूल्य दुकान के कोटेदार पर अनाज वितरण में अनियमितता के आरोप लगाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन खबरों की सच्चाई जानने के लिए फर्स्ट छत्तीसगढ़ न्यूज की टीम मौके पर पहुंची।

मैहर जिले के ग्राम पंचायत कुड़वा में बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर यह आरोप लगाए जा रहे थे कि कोटेदार राजकुमार गौतम द्वारा गरीब हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा है।

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मामले की पड़ताल के लिए जब फास्ट छत्तीसगढ़ न्यूज़ की टीम गांव पहुंची, तो कई ग्रामीणों ने कैमरे पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें जितना अनाज मिलना चाहिए, उससे कम अनाज दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या पिछले कुछ महीनों से लगातार बनी हुई है।

वहीं इस पूरे मामले पर जब कोटेदार एवं प्रबंधक राजकुमार गौतम से संपर्क किया गया, तो उन्होंने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि कुछ महीनों में अनाज वितरण कम हुआ है, यह बात सही है, लेकिन इसमें उनकी कोई व्यक्तिगत गलती नहीं है। उनका कहना है कि शासन स्तर से ही उन्हें अपेक्षित मात्रा में अनाज नहीं मिला, जिस कारण कटौती करनी पड़ी।

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कोटेदार के सेल्समैन ने भी अपनी बात रखते हुए बताया कि 24 दिसंबर को वह कुड़वा गांव अनाज वितरण के लिए पहुंचे थे, लेकिन गांव के कुछ लोगों ने वितरण कार्य नहीं करने दिया और उनका वितरण रजिस्टर भी छीन लिया गया।

राजकुमार गौतम ने आगे कहा कि सोशल मीडिया पर बिना ठोस तथ्यों के भ्रामक खबरें चलाकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे नहीं चाहते कि किसी भी गरीब हितग्राही को राशन कम मिले, लेकिन जब शासन से 72 क्विंटल खपत के मुकाबले केवल 15 या 35 क्विंटल अनाज प्राप्त होता है,तो सभी को पूरा राशन देना संभव नहीं हो पाता।

कोटेदार राजकुमार गौतम द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों को फास्ट छत्तीसगढ़ न्यूज़ की टीम ने फूड विभाग को भेजकर मामले की पुष्टि और जानकारी मांगी है।

फिलहाल यह मामला जांच का विषय है। अब देखना होगा कि फूड विभाग की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और ग्रामीणों को राहत कब तक मिलती है।

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